इंदौर नगर निगम करा रहा मुनादी- पानी उबालकर, छानकर पिएं, कलेक्टर पर बरसे जीतू पटवारी
ब्रह्मास्त्र इंदौर
भागीरथपुरा में दूषित पानी का खौफ अभी भी बरकरार है। इस दूषित पानी के कारण 20 लोग दुनिया को छोड़कर चले गए। सैकड़ों लोग अस्पताल में भर्ती हो चुके हैं। गुरुवार को आईसीयू में 10 मरीज भर्ती हैं, जिनका इलाज चल रहा है। दूषित पानी को लेकर नगर निगम की गाड़ियां लगातार मुनादी कर रही है कि पानी को छानकर, उबालकर इस्तेमाल करें। वहीं कई लोगों की स्थिति को देखते हुए इलाके में राशन सामग्री बांटी गई।
29 दिसंबर को मामला सामने आने के बाद से भागीरथपुरा में डर का माहौल बना हुआ है। लोग बोरिंग, आरओ का पानी भी उबालकर और छानकर इस्तेमाल कर रहे हैं। इलाके में ड्रेनेज लाइन का काम चल रहा है। इसका असर यहां के व्यापार पर भी पड़ा है। अब तक अस्पतालों में कुल 446 मरीज भर्ती हो चुके हैं। 50 अब भी अस्पताल में भर्ती हैं। वहीं सांवेर में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इंदौर कलेक्टर के आरएसएस कार्यालय जाने को लेकर निशाना साधा है।
गुरुवार को मलेरिया विभाग की टीम ने भागीरथपुरा का दौरा किया। टीम ने देखा कि कहीं भी बहुत दिनों से पानी तो इकट्?ठा नहीं है, उसमें मच्छर तो नहीं पनप रहे हैं, लेकिन ऐसा नहीं मिला। टीम ने रहवासियों को समझाइश दी कि वह पीने का पानी बहुत दिनों तक इकट्ठा करके नहीं रखें और उसे ढंक कर रखें। पानी में गंदगी ना हो, इसका ध्यान रखें। इधर, नगर निगम की गाड़ियों से लगातार इलाके में मुनादी कराई जा रही है।
वहीं दूसरी ओर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल के निर्देश पर एक विशेष अभियान चलाया गया। इसके तहत सरकारी बोरवेल की जिओ ट्रैकिंग एवं क्लोरिनेशन कार्य को प्राथमिकता के साथ पूरा करने को कहा गया है। 2250 से अधिक सरकारी बोरवेल की जिओ ट्रैकिंग भी पूरी की गई, जिससे भविष्य में जल स्रोतों की सटीक निगरानी एवं प्रबंधन संभव हो सकेगा। इस अभियान के दौरान जल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए 50 से अधिक अपशिष्ट क्लोरीन (रेजिडुअल क्लोरीन) के नमूनों के सैंपल लिए गए। इंदौर कलेक्टर के आरएसएस कार्यालय जाने को लेकर सांवेर में जीतू पटवारी ने निशाना साधा है। पटवारी ने कहा कि कलेक्टर साहब! आपसे आग्रह है कि अगर आप राजनीतिक दलों के दफ्तरों में जाकर अपनी ड्यूटी करेंगे तो याद रखना कि कांग्रेस का कार्यकर्ता आपके काम करने की शैली को ठीक करना जानता है। आप भाजपा कार्यकर्ता के तौर पर कार्यालय कैसे जा सकते हैं? पटवारी ने आगे कहा कि यदि प्रशासन को चर्चा करनी है तो उन्हें मुख्य सचिव, वरिष्ठ अधिकारियों या संबंधित मंत्रियों से मिलना चाहिए, न कि किसी राजनीतिक या वैचारिक संगठन के कार्यालय में जाकर हाजिरी देनी चाहिए।